भारत कि मुश्किल स्थिति में एक मुस्लिम भारतीय का राष्ट्रीय रक्षा कोष में सबसे बड़ा दान।



नीजाम मीर उसमान हैदराबाद
रियासत के अंतिम निज़ाम थे।
जिनका:
जन्म-6 अप्रैल 1886
मृत्यु-24 फ़रवरी 1967
****
1911 से 1948 तक वे इस रियासत के निज़ाम (शासक) रहे और उसके पश्चात 1956 तक उसके संवैधानिक प्रमुख भी रहे।
वे एक समय में विश्व के
सबसे धनी व्यक्तियों में
से एक थे।

पाकिस्तान से 1965 का
युद्ध जीतने के बाद देश
की आर्थिक स्थिति कुछ
सही नहीं थी ।

जब सम्भावित युद्धों की स्थिति
से निपटने के लिए धन की आवश्यकता पड़ी तो इसके
लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री
श्री लाल बहादुर शास्त्री ने
राष्ट्रीय रक्षा कोष की स्थापना की।

स्थापना करने के साथ ही उन्होंने
लोगों से इसमें दान देने की अपील भी की.
शास्त्री जी ने तमाम राजाओं और
सूबेदारो तक यह बात पहोचाई।
।।
शास्त्री जी ने जब नीजाम मीर उसमान से भी इस संबंध में बात की तो नीजाम मीर उसमान ने अपना भारतीय धर्म निभाते हुए बीना किसी संकोच के↓↓

5 टन सोना देने की घोषणा की।

और आज अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार
में पाँच टन सोने की कीमत
तकरीबन 1,620 करोड़ रूपए
आँकी गई है.

ये राष्ट्रीय रक्षा कोष का
सबसे बड़ा दान था।

उनका दान आज भी अमर है।
उस समय उनके द्वारा दी  इस
सहायता से देश को आर्थिक रूप
से सक्षम बनाने मे बेहद मदद
मिली।

                   *जय हिन्द*


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